पेंशन बढ़ोतरी! कब से मिलेंगे 7500 रुपए पेंशन , सरकार ने दिए सभी सवालों के जवाब EPS Pension Hike

EPS Pension Hike: देश के लाखों EPS-95 पेंशनधारक काफी समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि मौजूदा एक हजार रुपये महीना बढ़ती महंगाई में पर्याप्त नहीं रह गया है। बुजुर्ग पेंशनर्स दवा, राशन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से साढ़े सात हजार रुपये न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता, पारिवारिक पेंशन और मुफ्त इलाज जैसी मांगें लगातार उठ रही हैं। यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है और दिसंबर 2025 तक इस पर चर्चा तेज बनी हुई है।

संसद में सरकार से पूछे गए सवाल

लोकसभा में सांसदों ने सरकार से सवाल किया कि EPS पेंशन में सुधार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने में इतनी देर क्यों हो रही है। इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन की राशि 2014 में तय की गई थी और तब से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उस समय सरकार ने बजटीय सहायता देकर यह सुनिश्चित किया था कि किसी पेंशनर को एक हजार रुपये से कम न मिले, लेकिन इसके बाद महंगाई बढ़ने के बावजूद पेंशन को न तो डीए से जोड़ा गया और न ही जीवन यापन लागत से।

EPS फंड कैसे काम करता है

EPS एक फंड आधारित सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसमें कर्मचारी की सैलरी का 8.33 प्रतिशत हिस्सा नियोक्ता की ओर से जमा किया जाता है, जबकि सरकार 1.16 प्रतिशत का योगदान देती है जो अधिकतम 15 हजार रुपये वेतन सीमा तक लागू होता है। इसी फंड से पेंशन और अन्य लाभ दिए जाते हैं। सरकार का कहना है कि इस फंड में वित्तीय घाटा है और मौजूदा न्यूनतम पेंशन बनाए रखने के लिए भी अतिरिक्त बजट देना पड़ रहा है। मार्च 2019 के बाद से फंड की स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है, जिससे पेंशन बढ़ाना चुनौती बन गया है।

महंगाई भत्ते पर समिति की राय

महंगाई भत्ता देने के मुद्दे पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने साफ कहा है कि मौजूदा फंड स्थिति में EPS पेंशन को डीए से जोड़ना व्यावहारिक नहीं है। इसी कारण इस मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। वहीं अधिक वेतन के आधार पर पेंशन तय करने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें ऑनलाइन आवेदन और नियोक्ता सत्यापन का काम जारी है।

पेंशनर्स की चिंता क्यों बढ़ रही है

एक हजार रुपये की मासिक पेंशन में बुजुर्गों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। दवाइयों, खाने-पीने और अन्य जरूरी खर्चों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। पेंशनर संगठन लगातार ज्ञापन देकर सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं, लेकिन फंड की कमी के कारण कोई ठोस समयसीमा सामने नहीं आई है। दिसंबर 2025 तक साढ़े सात हजार रुपये पेंशन और डीए को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

आगे का रास्ता क्या हो सकता है

EPS फंड की स्थिति सुधारने के लिए सरकार को योगदान बढ़ाने और बजट में अतिरिक्त प्रावधान करने की जरूरत है। पेंशनर्स की उम्र और स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए न्यूनतम पेंशन बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल लाखों EPS-95 पेंशनधारक सरकार से सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं और चाहते हैं कि उनकी आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

Leave a Comment