LPG New Rates: हर नए महीने के साथ एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम जानना लोगों की आदत बन गई है। वजह साफ है, देश के ज्यादातर घरों की रसोई गैस पर चलती है और कीमत में थोड़ा सा बदलाव भी पूरे महीने के बजट को प्रभावित कर देता है। महंगाई के इस दौर में आम परिवार सबसे पहले यही देखता है कि इस बार गैस सस्ती हुई या फिर जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
घरेलू एलपीजी के ताजा हालात
फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति देखकर रेट तय करती हैं। मौजूदा समय में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे रसोई का खर्च अचानक नहीं बढ़ा है।
कमर्शियल गैस में उतार-चढ़ाव
जहां घरेलू गैस के रेट नियंत्रण में हैं, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हल्का बदलाव अक्सर देखने को मिलता है। होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट सीधे तौर पर इन दामों से प्रभावित होते हैं। कमर्शियल गैस महंगी या सस्ती होने का असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ता है, लेकिन आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर नहीं होता।
महंगी गैस का परिवारों पर असर
जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो सबसे ज्यादा असर मध्यम और कम आय वाले परिवारों पर पड़ता है। रसोई का खर्च बढ़ने से कई घरों को अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ती है। ग्रामीण इलाकों में उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन होने के बावजूद सिलेंडर भरवाने की कीमत कई बार बोझ बन जाती है, इसलिए दाम स्थिर रहना लोगों के लिए राहत की खबर होती है।
एलपीजी सब्सिडी से मिलती है राहत
सरकार घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर कीमतों का असर कुछ हद तक कम करती है। यह सब्सिडी सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए आती है, जिससे सिलेंडर की असली लागत घट जाती है। हालांकि सब्सिडी की राशि हर महीने समान नहीं रहती, लेकिन फिर भी यह गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ा सहारा बनी हुई है।
मेट्रो शहरों और राज्यों में कीमतों का फर्क
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर के दाम लगभग एक जैसे रहते हैं। वहीं दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में परिवहन और स्थानीय टैक्स की वजह से कीमतें ज्यादा हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के अनुसार ताजा एलपीजी रेट जरूर जांचें।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में अंतर
घरेलू एलपीजी सिलेंडर आम परिवारों के लिए होता है, जिसका वजन 14.2 किलो होता है और इस पर सरकारी सब्सिडी मिलती है। इसके विपरीत कमर्शियल सिलेंडर 19 किलो का होता है, जिस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती। यही वजह है कि कमर्शियल गैस घरेलू गैस के मुकाबले काफी महंगी होती है और इसका इस्तेमाल केवल व्यवसायिक जरूरतों के लिए किया जाता है।