कर्मचारियों को मिलेगा लाखों का एरियर! देखें एरियर कल्कुलेशन और सैलेरी इजाफा 8th Pay Commision

8th Pay Commision: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। लगभग पचास लाख केंद्रीय कर्मचारी और करीब उनसठ लाख पेंशनर्स यह जानना चाहते हैं कि नया वेतन ढांचा कब लागू होगा और इससे सैलरी व पेंशन में कितना फायदा मिलेगा। सातवें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है, इसी वजह से सरकार ने समय रहते आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस भी तय कर दिए गए हैं।

आयोग की भूमिका और कामकाज

आठवां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग अप्रैल 2027 तक अपनी सिफारिशें सौंप सकता है। आम तौर पर रिपोर्ट आने के बाद सरकार को इसे लागू करने में कुछ महीने लगते हैं, इसलिए माना जा रहा है कि नया वेतन आयोग 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में लागू हो सकता है। हाल ही में सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि लागू करने की तारीख और बजट से जुड़ा फैसला बाद में लिया जाएगा।

फिटमेंट फैक्टर क्यों है अहम

हर वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम होता है, क्योंकि इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को बढ़ाकर नई सैलरी तय की जाती है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से लेकर 2.46 या उससे थोड़ा अधिक हो सकता है। अगर इसे जनवरी 2026 से प्रभावी मानते हुए जनवरी 2028 में लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को करीब दो साल का एरियर मिलने की संभावना भी बन सकती है।

पिछले वेतन आयोग से क्या सीखा गया

सातवें वेतन आयोग के समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी सात हजार रुपये से बढ़कर अठारह हजार रुपये हो गई थी। इसी अनुभव के आधार पर कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि आठवें वेतन आयोग में भी सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अगर फिटमेंट फैक्टर ढाई के आसपास रहता है, तो न्यूनतम वेतन में बड़ा उछाल आ सकता है और ग्रॉस सैलरी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगी।

भत्तों और पेंशन पर असर

आठवां वेतन आयोग केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाओं पर भी विचार करेगा। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाए, जिससे वेतन के साथ-साथ पेंशन में भी इजाफा हो सके। पेंशनर्स को भी इस बदलाव का सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि पेंशन की गणना अंतिम वेतन के आधार पर होती है।

सरकारी खजाने पर असर और आगे की तैयारी

इतने बड़े स्तर पर वेतन और पेंशन में बदलाव से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा, इसलिए संभावना है कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। पहले बेसिक सैलरी में संशोधन और बाद में अन्य भत्तों में बदलाव किया जा सकता है। एरियर का भुगतान भी किस्तों में होने की उम्मीद है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए। आठवां वेतन आयोग लागू होने पर यह लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला कदम साबित हो सकता है।

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